शादी कब करनी चाहिए?
शादी सिर्फ शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं होता है,अपितु शादी इस सृष्टि के सिस्टम को बनाए रखने की भागीदारी को निभाने के लिए होनी चाहिए।कई लोगों के परिवार में एक सदस्य की छोटी सी नौकरी और सेल्फ डिपेंडेंट होने के बाद शादी का विचार आने लगता है,ये गलत है।शादी तब नहीं करनी चाहिए जब घर वाले और आपके रिश्तेदार आप पर तंज कस रहे हैं!शादी तब भी नहीं करनी चाहिए जब आपके सारे मित्र की शादी हो गई है और आप लेट हो रहे हैं!शादी के लिए मेंटली प्रिपेयर होना बहुत जरूरी होता हैं,क्योंकि शादी के बाद इंसान की जिंदगी का नया चैप्टर शुरू होता है।एक अनजान व्यक्ति जिसको आप बिल्कुल भी नहीं जानते हैं,उसके साथ एक नई दुनियां बसाने जा रहे हैं।हम सोच लेते हैं कि हमारे माता-पिता हमारे लिए अच्छा ही चुन रहे होंगे,ये बातें सही भी है कि वो अपने तरफ से गलत फैसला नहीं लेते हैं,फिर भी देखने को मिलता है कि शादी के बाद पति-पत्नी के बीच साल-दो साल बाद ताना-तानी शुरू हो चुका होता है।वजह यही है की पहली ही या दूसरी मुलाकात में कोई इंसान अपनी बुराइयां नहीं दिखाता है और हम पहली या दूसरी मुलाकात में ही एक-दूसरे को समझ लेने का बहम पाल लेते हैं।शादी के बाद एक-दूसरे की जिंदगी में कोई प्राइवेसी नहीं होनी चाहिए इसलिए भूतकाल में हुए घटनाओं का भी विश्लेषण कर लेना जरूरी होता हैं और यहीं से अतीत को भूलकर भविष्य की ओर अग्रसर हो जाना चाहिए।कुछ लड़के-लड़कियां अपनी अच्छाइयां दिखाकर शादी के लिए अपनेे पार्टनर से हाॅं करवा लेते हैं और साल-महिना बितते-बितते हकीकत सामने आ जाती है और रिश्ता ताश के पत्तों से बने महल की तरह धम से गिर पड़ता है।कैसी लगी पोस्ट कमेंट करके जरूर बताइए।#हेमन्त_आर्या


